"यु कातिल नजरो से देखा मत करो ,
मैं तो आशिक हूँ ,
जब चाहू किसी पर झुक सकता हूँ ,
इन नजरो को मत घुमने दो
जंहा देखती हो वोही पर रुक्नेदो ,
यु तुम ..................."
Wednesday, March 31, 2010
Friday, March 26, 2010
"...कही वो आज मिल जाती........"
शाम तो खुशगवार है,
तन्हाई मेरे पास है ,
कही वो आज मिल जाती ,
जिसका मुझे वर्षो से इंतिजार है......
ये शाम और रंगीन होजाती ...
मद्धम- मद्धम चाँद की रोशनी में ,
जब उसको बाहों में जकर लेता .....
चाँद भी देखकर शर्माजाता ...................."
तन्हाई मेरे पास है ,
कही वो आज मिल जाती ,
जिसका मुझे वर्षो से इंतिजार है......
ये शाम और रंगीन होजाती ...
मद्धम- मद्धम चाँद की रोशनी में ,
जब उसको बाहों में जकर लेता .....
चाँद भी देखकर शर्माजाता ...................."
Thursday, March 18, 2010
"....हर दिल पर राज करू ......."
हर दिल अपना है ,
कही भी ,
कभी भी ,
जिस हालत में भी रहु हूँ ,
मैं उस हालत में भी ,
हर दिल पर राज करू ........
क्या करू दिल लिखने से मना करती है ।
पर हां,
ये सही है ,
हर दिल पर राज करू ...............................!
अरे भई,
हर दिल अपनी है .........।
कही भी ,
कभी भी ,
जिस हालत में भी रहु हूँ ,
मैं उस हालत में भी ,
हर दिल पर राज करू ........
क्या करू दिल लिखने से मना करती है ।
पर हां,
ये सही है ,
हर दिल पर राज करू ...............................!
अरे भई,
हर दिल अपनी है .........।
"...बात करता हूँ ......."
"....तुमसे सुबह से शाम ,
फ़ोन पर ,
बात करता हूँ ,
तुम्हारी दिल की बात मैं हर पल तुमसे सुनता हूँ ,
कभी - कभी मैं अपनी बात भी करता हूँ ,
पर नहीं है,
मुझे तुम्हारी बात सुनने में दिलचस्पी ,
तुमसे बात करता हूँ
बस बात करता हूँ ....!"
फ़ोन पर ,
बात करता हूँ ,
तुम्हारी दिल की बात मैं हर पल तुमसे सुनता हूँ ,
कभी - कभी मैं अपनी बात भी करता हूँ ,
पर नहीं है,
मुझे तुम्हारी बात सुनने में दिलचस्पी ,
तुमसे बात करता हूँ
बस बात करता हूँ ....!"
Tuesday, March 9, 2010
"...हर दिल की बात ..."
"...दिल का दर्द हम बताये कैसे ,
जिस तरफ देखता हूँ ,
सीने में होता है दर्द उस तरफ ,
यह हाल हम कैसे कहु ,
जा जा के .......!
पर मैं ये सोचता हूँ ,
ये अपनी अपनी किस्मत की बात है ............."
Friday, March 5, 2010
"........कहा जनता हूँ.........."
मैं हर पल तुम्हे देखता हूँ , हर सुबह मैं तुम्हे देखता हूँ ,
गुनगुनाता हूँ तुम्हारा नाम ,
पल भर मैं हो जाता हूँ बदनाम ,
सोचता हूँ क्या मैं तुम्हे जानता हूँ ?
पल भर में हो जाता हूँ मायूस ,
कहा जनता हूँ ..............."
गुनगुनाता हूँ तुम्हारा नाम ,
पल भर मैं हो जाता हूँ बदनाम ,
सोचता हूँ क्या मैं तुम्हे जानता हूँ ?
पल भर में हो जाता हूँ मायूस ,
कहा जनता हूँ ..............."
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